बिलावल मियाँ अपनी टांग फट्टे में ना फसाओं वरना टांग ही नही रहेगी।
पहले अपनी अराजकता,आंतकवाद, अप्रजातांत्रिक शासन,
“बिगडेल ISI और निरंकुश फौज” से निपट लो।
----- नही तो ----
"नाना" की तरह "फांसी" पाओगे या "माँ" की तरह "उड़ा" दिये जाओगे।
या "मुशर्रफ" और "नवाज शरीफ" की तरह पाकिस्तान से "भगा" दिये जाओगे।
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कश्मीर की - तो - बात ही मत सोचो,
पहले अपने "गिरेबान" में "खुद" ही झांक कर देख लो,
नही तो "आइना: हम दिखा देते है।
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"पाकिस्तान के गले की फांस"
"सिन्ध और बलोचिस्तान"
{1} अंग्रेजों ने “बलोचिस्तान और नेपाल” को हमेशा भारत से अलग देश माना और कभी भी भारत के साथ नही माना था, इन के साथ सदा से अलग ही बर्ताव होता था जो की हकीकत में ही अलग ही देश थे।
{2} भारत के “टुकड़े” करने से पहले ही इन्हें अलग से “आजाद” कर दिया गया था।
{3} इसी वजह से बलोचिस्तान को भारत से 4 दिन और पाकिस्तान से 3 दिन पहले,
{4} यानि 11 अगस्त को ही “अलग से आजादी” दे दी थी।
{5} मित्रों, हम सब जानते हैं कि पाकिस्तान ने 14 अगस्त 1947 को बनने के बाद,
अगले साल 1948 में पाकिस्तान ने “सैन्य कार्यवाही” करके “बलोचिस्तान” पर “ज़बरदस्ती कब्ज़ा” किया था । (उससे पहले बलोचिस्तान एक आज़ाद देश था)
{6} तबसे लेकर आज तक कितने ही लाखों “ISI और पाकिस्तानी फौज” के हाथो "बलोच” लोग मारे जा चुके हैं, ISI या तो मार देती है या गायब कर देती हैं, जो लोग ISI के हाथों प्रताड़ित होते रहते है, उसका कोई हिसाब ही नहीं है।
{7} गौरतलब है कि पाकिस्तान के आधे से भी ज़्यादा “शिया मुसलमान” सिर्फ “बलोचिस्तान” में रहते हैं,"पाकिस्तानी फ़ौज और ISI"के हाथों बेक़सूर "बलोच" लोगों ने कई दशकों तक अमानवीय अत्याचार झेले हैं, और आज भी झेल ही रहे हैं..
{8} बलोचिस्तान की कोई खबर पाकिस्तान की mainstream media में शायद ही आती है क्योंकि वहां की ज़्यादातर खबरें पंजाबी पाकिस्तानियों द्वारा प्रतिबंधित हैं...
{9} बलोचिस्तान की आज़ादी के लिए लड़ रहे ज़्यादातर बलोच नेता निर्वासित हो के यूरोपीय देशों में रह रहे हैं और उन्ही के ज़रिये बलोचिस्तान की खबरें हम तक पहुँचती हैं...
{10} जिनको मालूम नहीं कि बलोचिस्तान के सबसे बड़े स्वतंत्रता सेनानी, और भारत के समर्थक,
"नवाब अकबर खान बुगती" को किस तरह से मुशर्रफ ने 2006 में साज़िश रचके बलोचिस्तान के Dera Bugti शहर में मरवाया था,वो एक बार इनके बारे में गूगल में ज़रूर सर्च करके पढ़ लें..
{11} लेकिन अब, पाकिस्तान के एक और “प्रांत, सिंध” जहाँ पाकिस्तान के सबसे ज़्यादा हिन्दू रहते हैं, उन का भी यही हाल हो रहा है... “सिंधी लोग” किस हद तक “पंजाबी पाकिस्तान” के अत्याचारों को झेलने पे मजबूर हो रहे हैं..
{12} गौरतलब है कि जिस तरह से “बलोचिस्तान एक आज़ाद देश,” आज़ाद बलोचिस्तान के लिए कई सालों से लड़ रहा है, ठीक उसी तरह “सिंधी” भी “आज़ाद सिंधुदेश” के लिए अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं..
{13} सिन्धी लोगों ने संघर्ष के लिए एक -"जिये सिन्ध"- नाम से संगठन भी बना रखा है,
जिस के "लाल झंडे में कुल्हाड़ी" का चिन्ह अंकित है,
हमारे "वन्देमातरम गीत" की ही तरह उनका भी एक बहुत मशहूर गीत है,
"जिये सिन्ध जिये - सिन्ध वाला जिये" ये हर सिन्धी की जुबान पर रहता है..
{14} सिंध में आज कि तारीख में दुनिया के सबसे भीषण “शिया-सुन्नी” संघर्षों में से एक चल रहा है.. “अहमदिया और हज़ारा मुसलमानों” का सबसे ज़्यादा “नरसंहार भी सिंध” में ही हो रहा है..
यहाँ तक कि हिन्दुओं पर भी सबसे ज़्यादा अत्याचार यहीं हो रहा है -
ये सब "पंजाबी, वहाबी पाकिस्तानियों" की बदौलत..
{15} जहाँ तक “पश्तून/पठानों” का सवाल है, ये तो मूलतः पाकिस्तान के हैं ही नहीं...
ये तो मूलतः “अफ़ग़ानिस्तान” के निवासी हैं..
{16}1897 में DURAND LINE AGREEMENT करके अंग्रेज़ों ने धोखे से पश्तूनों की धरती के दो टुकड़े कर दिए थे,
{17} इसी वजह से 50 साल बाद 1947 में जब भारत आज़ाद हुआ और साथ ही, विभाजन की वजह से पाकिस्तान भी बना, तब करीब आधे पश्तून लोग अंग्रेजों के द्वारा की गयी "तोड़ फोड़" के कारण {DURAND LINE AGREEMENT} khyber - pakhtunwa प्रांत के साथ पाकिस्तान का हिस्सा बन गए थे...
{18} लेकिन आज भी पश्तून लोग ज़्यादातर मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, बहुत से पश्तून लोग आज भी गुफाओं में आदिवासियों जैसा जीवन बिता रहे हैं...
{19} पंजाबी पाकिस्तानियों ने आज तक कितने पश्तूनों को मारा है,
इसका पूरा "कच्चा चिटठा" जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, जापान और New Zealand जैसे देशों के कुछ अखबारों ने भी खोला है पूरा विस्तार से...आज भी खोलते रहते है..
{20} पाकिस्तान में भले ही चार राज्य हों, लेकिन सच्चाई यह है कि सिर्फ पंजाब ने बाकी के पाकिस्तान को अपना गुलाम बनाया हुआ है..
{21} एक मुसलमान देश होते हुए भी दुनिया में सबसे ज़्यादा मुसलमान इस पाकिस्तान ने ही मारे हैं..
खुद पाकिस्तान में अब तक कितने “बलोच, पश्तून/पठान और सिंधी मुसलमान” मारे जा चुके हैं,
उसका कोई हिसाब ही नहीं है...
{22} जो लुट अंग्रेजों ने भारत में मचाई थी -- वेसी ही “लुट” आज “पाकिस्तानी हुकुमत” ने बलोचिस्तान के “प्राक्रतिक संसाधनो” के दोहन के लिए पिछले 60 सालों से बलोचिस्तान में मचा रखी है, बलोचिस्तान में “प्राक्रतिक संसाधनों” के “भरपूर भंडार” है..
{23} भारत भूमि के “अभिन्न अंग कश्मीर” का सपना देखने वालो के पास खुद का क्या बचेगा..??..
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अगर “कोई भाई” देख सके तो कुछ “वीडियो लिंक” भी दे रहा हूँ ताकि “सच्चाई” सभी के सामने आये।
क्यों की पहले “नाना फिर माँ” और अब ये “बिलबिल” बहुत “बिलबिला” रहा है...
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“सिन्ध और बलोचिस्तान” के लिये 6 वीडियो लिन्क दिये हैं जिस में नम्बर “6—3” बहुत महत्वपूर्ण है..
{1} पाकिस्तान सिन्ध का हमारे “वन्देमातरम” जैसा गीत “जिये सिन्ध” जो हर सिन्धी की जुबान पर है...
इस में वीडियो में कलाकार जब भी बैठा दिखेगा तो उस की गोदी में “जिये सिन्ध” संघठन का चिन्ह “कुल्हाड़ी” रखी नजर आयेगी..
{2} टीवी वार्ता में क्या कहती है “बलोच लड़की”
“बलोच छात्रों” से “पाक टीवी” का “स्पेशल कार्यकम”..
{3} पोस्ट के एक एक शब्द को सही साबित करता है ये वीडियों
“हमीद मीर की बलोचिस्तान कोंफ्रेंस”
{4} बलोचिस्तान बनेगा अगला बंगलादेश
{5} एक और वीडियो पोस्ट को सही साबित करता हुआ..
{6}अगर आप देख सके तो ज्ञान भी बढ़ेगा और मजा भी आयेगा..
“बलोच छात्रों” से “पाक टीवी” का स्पेशल कार्यकम..
-- गिरधारी भार्गव -- 24.9.2014
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